2:30Ottoman Caliph: What Happened After 1924?
“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
"A new balance of power emerging in the Middle East with the deal."
ट्रंप की का असल मकसद था कि वेनेजुला की तरह ईरान पे कब्जा करना और बल्कि वेनेजुला में तो प्रेसिडेंट को उठाया था। यहां तो यह था कि खरग आइलैंड पे कब्जा कर लेना और ये बात ट्रंप ने खुद ही दो-तीन दिन पहले कही थी और उसी समय लग गया था कि अब यह आदमी हार चुका है। क्योंकि ट्रंप ने कहा कि हम हमारा मकसद था खरग आइलैंड कब्जा करना। हमें बहुत फायदा होता। ईरान का तेल हम उसी तरीके से डोमिनेट करते ईरान के ऑयल मार्केट पर और उसके रिसोर्सेज पर जैसे वेनेजुला पर हम कर रहे हैं। लेकिन हमारा
वेनेजुला पर हम कर रहे हैं। लेकिन हमारा देश इसके लिए तैयार नहीं था। ही यूज़ द वर्ड अमेरिका वास नॉट अप फॉर इट। और हम क्या करते ऐसी स्थिति पे? तो ये देखिए एक बात साबित हो गई थी कि जो डोमेस्टिक कंपल्शन है प्लस जो गल्फ एलई के प्रेशर क्योंकि कतर इधर ईरान के साथ अपनी सेपरेट डील कर रहा था और क़तर ने बल्कि 14 जून को कतर का डेलीगेशन कल ही ईरान में था और यह बात हो रही थी कि अगर जंग शुरू होती है तो ईरान कतर के गैस फैसिलिटीज पे हमला ना करे बदले में क़तर खुद ही सप्लाई रोक दे। उसने
बदले में क़तर खुद ही सप्लाई रोक दे। उसने क़तर ने कहा हम खुद ही सप्लाई रोक देंगे। मतलब इस तो जब ट्रंप को यह लगा कि भाई यह लोग अपने आप जाकर डील कर लेंगे। कतर ने आज डील की है कल सऊदी अरेबिया कर लेगा। यूएई जो कि सबसे बड़ा पिट्ठू इनका है वो कल कर लेगा। तो क्या कर लेंगे? बहराइन कर सकता है। कुवैत कर सकता है। भाई अभी जो पिछले दिनों अभी मतलब एक हफ्ता पहले जो बीच में अमेरिका से जो जंग हुई थी एक रात की दो बार हुई। एक एक रात की जंग तो उसमें तो ईरान ने बहराइन में फिर से
तो उसमें तो ईरान ने बहराइन में फिर से अमेरिका के बड़े एयरबेस को नष्ट कर दिया। कुवैत में बहुत तबाही की। तो ये और यूएई पे अटैक नहीं किया। सऊदी अरेबिया भी नहीं किया और क़तर पे भी नहीं किया। तो यह सब ईरान यह ट्रंप भी समझ रहे थे कि यह ईरान की इन सब देशों से बातचीत चल रही है। वैसे भी टर्की, पाकिस्तान, इजिप्ट सारे मुस्लिम देश कमोबेश वो ईरान के साथ थे।
2:30“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
1:47“I Will Protect Mosque & Temple Both”- MP Imran Masood
1:04Aakar Patel examines how public mobilisation can shape government decisions—from the protests against the NRC and farm laws to the question of institutional accountability.
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