Nous Shorts· 27 Jul 2026· 2:04

Can a Daughter Be Saved Without Education? Voices from Jauhar University

"We can only see our career. We cannot see anything else."

Full Transcript

मैं इस वक्त मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में मौजूद हूं। जी हां, वही यूनिवर्सिटी जिसको बहुत ही अरमान, हसरत, ख्वाब के साथ आजम खान ने बनाया था। और उन्हीं आजम खान से एक तरह से राजनीतिक बदला लेते हुए, या फिर उसको टारगेट करते हुए, क्योंकि एक माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशन भी है — आरडीए ने एक नोटिस जारी किया है, और नोटिस जारी करके यह कहा है कि 250 से 300 एकड़ में फैली यह यूनिवर्सिटी, 40 में से 38 भवन वो इललीगल हैं, उनको बुलडोज करने का नोटिस जारी किया गया है, 15 दिन का वक्त दिया गया है, और यह कहा गया है कि अगर 15 दिन में आपने इसको बुलडोज नहीं किया तो हम आकर इसको बुलडोज कर देंगे, और पैसा भी यूनिवर्सिटी से ही चार्ज किया जाएगा। अब मैं यहां पर छात्रों से जानूंगी जरूर कि उनके मन में क्या है, वो आखिर क्या सोच रहे हैं, वो अपने भविष्य को लेकर कितने चिंतित हैं, उनके ज़हन में किस तरह के सवाल आ रहे हैं, क्या उनकी शिकायतें भी हैं, यह सब भी मैं जानूंगी। क्यों तोड़ी जा रही है यूनिवर्सिटी — यह तो उन लोगों को पता होगा क्यों तोड़ रहे हैं इस यूनिवर्सिटी को, हमें तो सिर्फ अपना करियर दिख रहा है, बाकी हमें कुछ नहीं दिख रहा। सारी सारी चीजें एक तरफ रख के, सारी राजनीति एक तरफ रख के हमें बस अपना करियर दिख रहा है। अभी सारे स्टूडेंटों का यही टेंशन है कि हमारे करियर का क्या होगा, हमने दो-दो साल पढ़ लिए, कोई एक साल पढ़ लिया, कोई तीन साल पढ़ लिया, सारे लोग इसी टेंशन में पड़े हुए हैं। कुछ लोग डिग्री करके निकल गए तो कुछ लोग डिग्री लेने से बैठे हैं। मुझे सरकार से कोई मांग नहीं है, चाहे सरकार बीजेपी की हो, चाहे समाजवादी की हो, चाहे एसपी की हो, ए टू जेड किसी की भी सरकार हो, बच्चा हो या बड़ा हो, जिसको वोट देना है वो उसी सरकार को देगा। बोर्ड से भी कोई मतलब नहीं है। यहां जो बच्चे बैठे हैं वो अपने सिर्फ करियर को लेके बैठे हैं, शिक्षा को लेके बैठे हैं। अगर शिक्षा ही नहीं होगी तो बच्चा कैसे आगे बढ़ेगा? अगर सरकार यह कहती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, अगर बेटी पढ़ेगी नहीं तो बचेगी कैसे?

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