2:30Ottoman Caliph: What Happened After 1924?
“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
"Iran is fighting a war of survival. America does not know why its soldiers are fighting."
ईरान आज स्टेट ऑफ हुर्मुज कंट्रोल करता है, ईरान रेड सी कंट्रोल करता है, जो हूतीज हैं वह, जब भी जाएंगे तो जो केबल्स होती हैं, इंटरनेट केबल्स जो स्टेट ऑफ हुर्मुज से जाती हैं, उनको काट सकते हैं। इंटरनेट बंद हो जाएगा पूरा वेस्ट एशिया में। कुछ पार्ट साउथ एशिया के भी अफेक्टेड होंगे, इंडिया भी अफेक्टेड होगा। कुछ पोर्शन यूरोप के भी अफेक्टेड होंगे। उसके बाद, आज उनके पास ड्रोन्स हैं और उनके पास मिसाइल्स हैं जो 4000 किलोमीटर पर भी मार कर सकती हैं, इंडियन ओशन से पूरा मेडिटेरेनियन सी को कवर कर सकते हैं। तो सबसे बड़ी बात क्या है? ईरान की जो लड़ाई है, वो लड़ाई जिसे हम कहते हैं वॉर ऑफ सर्वाइवल। उनके अंदर जो, उनको जो ईरानी है, उसको पता है वो क्यों लड़ रहा है, अमेरिका को नहीं पता है उसके सैनिकों को कि वो क्यों लड़ रहे हैं। इससे बहुत फर्क पड़ता है। जो ईरान के कमांडर्स हैं, उनको मालूम है हम इसलिए लड़ रहे हैं क्योंकि हमारी सर्वाइवल की बात है। आज अमेरिका में बहुत सारे लोग बोल रहे हैं, ये हमारी लड़ाई ही नहीं है, ये लड़ाई इजराइल की है, तो हम क्यों लड़ रहे हैं? तो जिसे कहते हैं ना कि अंदर से जो विल होती है, जो जज्बा होता है लड़ाई का, वो ईरान के साथ खड़ा हुआ है। तो कहने का मेरा मतलब ये है कि ईरान, अब मैं आपको एक बात और बताना चाहूंगा आपके दर्शकों को, ये कहना कि ईरान डॉमिनेंट पावर है, ईरान सब पे हावी होगा, ईरान का ऐसा कोई मकसद नहीं है। अगर आप देखिएगा जो ईरान के फॉरेन मिनिस्टर हैं अब्बास अराघची, उन्होंने बार-बार इस बात को कहा है, हम चाहते हैं एक रीजनल फ्रेमवर्क बने, इसका मतलब यह होता है दे आर लुकिंग फॉर अ सोल्यूशन जो रीजनल सोल्यूशन हो। अगर आप एमओयू को भी पढ़ेंगी, उसमें साफ लिखा हुआ है कि जो बाहर की ताकतें हैं वो रीजन से बाहर जाएं, मतलब कि अमेरिकन ट्रूप्स और वो सब। को लेके एक साथ चलना चाहते, तो अगर आपको सबको लेके चलना है, सारी ताकतों को जो रीजन में हैं, तो आप ये नहीं कह सकते कि मैं सबसे बड़ी ताकत हूं, आप ये नहीं कह सकते, आपको यू हैव टू बिल्ड अ म्यूचुअल ट्रस्ट। अगर सब एक साथ महसूस करेंगे कि हां हमारा फायदा है, हम इसमें इक्वल हैं, तभी आप रीजनल फ्रेमवर्क बना सकते हैं, इसका और कोई तरीका नहीं है।
2:30“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
1:47“I Will Protect Mosque & Temple Both”- MP Imran Masood
1:04Aakar Patel examines how public mobilisation can shape government decisions—from the protests against the NRC and farm laws to the question of institutional accountability.
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