Nous Shorts· 02 Jul 2026· 1:28

Iran War Exposed the Limits of American Power ? | Pravin Sawhney on Geopolitics

"The world has changed. It is no longer unipolar—it has become multipolar."

Full Transcript

यहां पर एमओयू साइन हो रहा है एक जंग के यहां पर एमओयू साइन हो रहा है एक जंग के बाद वह जंग जिसमें कि प्रेसिडेंट ट्रंप के बाद वह जंग जिसमें कि प्रेसिडेंट ट्रंप के बाद वह जंग जिसमें कि प्रेसिडेंट ट्रंप के पास आज कोई और मिलिट्री ऑप्शन नहीं है। पास आज कोई और मिलिट्री ऑप्शन नहीं है। पास आज कोई और मिलिट्री ऑप्शन नहीं है। अगर कोई ऑप्शन होता तो वो एमओयू साइन ही अगर कोई ऑप्शन होता तो वो एमओयू साइन ही अगर कोई ऑप्शन होता तो वो एमओयू साइन ही नहीं करते। तो इस एमओयू के अंदर जो ईरान नहीं करते। तो इस एमओयू के अंदर जो ईरान नहीं करते। तो इस एमओयू के अंदर जो ईरान को चाहिए है ईरान की सारी शर्तें वो सारी को चाहिए है ईरान की सारी शर्तें वो सारी को चाहिए है ईरान की सारी शर्तें वो सारी की सारी मान ली गई है। पर अब क्या हो रहा की सारी मान ली गई है। पर अब क्या हो रहा की सारी मान ली गई है। पर अब क्या हो रहा है? अमेरिका के अंदर बहुत दबाव आ रहा है है? अमेरिका के अंदर बहुत दबाव आ रहा है है? अमेरिका के अंदर बहुत दबाव आ रहा है प्रेसिडेंट ट्रंप के ऊपर कि आपने इतना प्रेसिडेंट ट्रंप के ऊपर कि आपने इतना प्रेसिडेंट ट्रंप के ऊपर कि आपने इतना ज्यादा क्यों दे दिया एमओयू में क्योंकि ज्यादा क्यों दे दिया एमओयू में क्योंकि ज्यादा क्यों दे दिया एमओयू में क्योंकि कोई यह मानने को तैयार नहीं है आज अमेरिका कोई यह मानने को तैयार नहीं है आज अमेरिका कोई यह मानने को तैयार नहीं है आज अमेरिका में कि अमेरिका लड़ाई हार सकता है ईरान वो में कि अमेरिका लड़ाई हार सकता है ईरान वो में कि अमेरिका लड़ाई हार सकता है ईरान वो भी ईरान के साथ तो इस बात को क्योंकि जहां भी ईरान के साथ तो इस बात को क्योंकि जहां भी ईरान के साथ तो इस बात को क्योंकि जहां तक अमेर अमेरिकनंस का ताल्लुक है उनका जो तक अमेर अमेरिकनंस का ताल्लुक है उनका जो तक अमेर अमेरिकनंस का ताल्लुक है उनका जो सिक्योरिटी एस्टैब्लिशमेंट है पॉलिसी सिक्योरिटी एस्टैब्लिशमेंट है पॉलिसी सिक्योरिटी एस्टैब्लिशमेंट है पॉलिसी मेकर्स हैं जो उनके एनालिस्ट हैं थिंक मेकर्स हैं जो उनके एनालिस्ट हैं थिंक मेकर्स हैं जो उनके एनालिस्ट हैं थिंक टैंक्स वो आज भी समझते हैं कि दुनिया की टैंक्स वो आज भी समझते हैं कि दुनिया की टैंक्स वो आज भी समझते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी ताकत जो है वह अमेरिका है सबसे बड़ी ताकत जो है वह अमेरिका है सबसे बड़ी ताकत जो है वह अमेरिका है मिलिट्री टर्म्स के अंदर जो कि नहीं है। मिलिट्री टर्म्स के अंदर जो कि नहीं है। मिलिट्री टर्म्स के अंदर जो कि नहीं है। वो आज भी मानने को तैयार नहीं है कि वो आज भी मानने को तैयार नहीं है कि वो आज भी मानने को तैयार नहीं है कि दुनिया जो है बदल गई है। मल्टीपोलर दुनिया दुनिया जो है बदल गई है। मल्टीपोलर दुनिया दुनिया जो है बदल गई है। मल्टीपोलर दुनिया बन गई है। इसका मतलब उसमें तीन बड़ी बन गई है। इसका मतलब उसमें तीन बड़ी बन गई है। इसका मतलब उसमें तीन बड़ी ताकतें हैं। एक नहीं है। वो समझते हैं ताकतें हैं। एक नहीं है। वो समझते हैं ताकतें हैं। एक नहीं है। वो समझते हैं अमेरिका है पर अमेरिका एक ताकत है। चीन अमेरिका है पर अमेरिका एक ताकत है। चीन अमेरिका है पर अमेरिका एक ताकत है। चीन दूसरी ताकत है। रशिया तीसरी ताकत है। बड़ी दूसरी ताकत है। रशिया तीसरी ताकत है। बड़ी दूसरी ताकत है। रशिया तीसरी ताकत है। बड़ी ताकत जिसे हम ग्रेट पावर बोलते हैं।

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