2:30Ottoman Caliph: What Happened After 1924?
“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
"The government chooses the voters, and the voters do not choose the government."
और सरकार राजा बन जाए हम जो पहले किंगडम्स में राजा बनती थी। आज कुछ ऐसा सेमी ऐसी स्थिति और लोग एग्जांपल देते हैं ना कि इलेक्शन तो रशिया में भी होते हैं। हां जी जी तो आप ये आप यकीन मानेंगे कि अब पुतिन जो है वो जनता के द्वारा चुनकर आए हुए प्रेसिडेंट है और वो बैठे हुए हैं। तो ऑब्वियसली वो सबको पता है कि किस तरह के इलेक्शंस वहां हो रहे हैं। और अभी भी आप ये देखें कि जैसा आपने कहा कि डेमोक्रेसी तो वो है जहां पर जनता सरकार को चुनती है और उसको अकाउंटेबल बनाती है कि हमने आपको चुनाया। अब आप हमारे लिए काम करिए। लेकिन
चुनाया। अब आप हमारे लिए काम करिए। लेकिन यहां तो जिस तरह से विपक्ष अपोजिशन का इल्जाम है और यह कहता हुआ नजर आ रहा है और और बाकायदा तौर पर तथ्यों के साथ वो ये इस बात को ये बता रहा है कि यहां तो उल्टा हो रहा है या तो सरकार चुन रही है कि आप हमारे वोटर होंगे या नहीं होंगे आप हमें वोट करेंगे या आप हमें वोट नहीं करेंगे तो वो चुनते हुए नजर आ रहे हैं और सारे एग्जांपल्स हमारे सामने मौजूद हैं। मौजूद हैं। मौजूद हैं। ब्रेथ ने ये कहा था बहुत अच्छी बात है। उनकी एक कविता में मुझे एग्जैक्ट वर्ड्स उसके याद नहीं है। लेकिन एक शासक किस तरीके से सोचता है कि अगर कल हम
तरीके से सोचता है कि अगर कल हम पार्लियामेंट भंग कर देंगे और फिर भी हमारी सरकार चुन कर नहीं आई तो हम जनता को भंग कर देंगे। उसका इशारा इसी तरफ है कि कैसे हम वोटर्स सरकार वोटर को चुनती है। वोटर सरकार को नहीं चुनते।
2:30“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
1:47“I Will Protect Mosque & Temple Both”- MP Imran Masood
1:04Aakar Patel examines how public mobilisation can shape government decisions—from the protests against the NRC and farm laws to the question of institutional accountability.
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