2:30Ottoman Caliph: What Happened After 1924?
“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
"For the first time since 1948, there appears to be a visible gap between America and Israel."
देखिए, इस समय ईरान पूरे मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ी पावर है। इजराइल को उसने डिस्प्लेस कर दिया। तो जिस तरीके से इजराइल — जबकि सब कुछ इजराइल जो कर रहा था एंटी-मुस्लिम था, एंटी-पैलेस्टाइन था — सारे जिन देशों ने कम से कम मौखिक रूप से कहा कि वे पे लिप सर्विस टू द पैलेस्टिनियन कॉज़, लेकिन वो इजराइल के साथ किसी न किसी संबंध में थे, सब लोग थे, कतर से लेके सऊदी अरेबिया से लेके सब थे, और ये लोग तो खुल के — यूएई, कुवैत, बहरीन, ये सब, जॉर्डन तो — देखिए अब यह साफ हो गया है कि अब इजराइल सुपर पावर नहीं रहा, अमेरिका का भी जो हाथ इजराइल पे जितना मजबूत था, ईरान के पास वो कूवत हो गई है कि उस हाथ को भी उसने कमज़ोर कर दिया, मतलब ईरान ने इजराइल और अमेरिका के बीच पहली बार ऐसा किया — जब से इजराइल बना है, 1948 में इजराइल बना है, तब से लेकर आज तक पहली बार अमेरिका और इजराइल में किसी ने दरार पैदा की। फर्स्ट टाइम, वरना बड़े-बड़े हमले — इजराइल ने एक बार तो 1967 में एक अमेरिकन शिप पे हमला कर दिया था जानबूझ के, उसके पीछे बहुत सारी वजहें थीं, इसमें कई अमेरिकंस मारे गए थे, तब भी अमेरिका ने संबंध नहीं तोड़े, बल्कि और मज़बूत कर लिए इजराइल से। और आज यह स्थिति है कि ट्रंप को दो-दो बार एफ वर्ड यूज़ करना पड़ रहा है — किया कि नहीं, अलग बात है, लेकिन कहना पड़ रहा है कि हां हमने किया है। तो यह जो पूरी सिचुएशन है, यह अनप्रेसिडेंटेड है। और इसमें जहां तक आपने जीसीसी पर सवाल किया, वहां पर हमने सीधा जवाब दिया — ईरान इज़ द ओनली पावर।
2:30“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
1:47“I Will Protect Mosque & Temple Both”- MP Imran Masood
1:04Aakar Patel examines how public mobilisation can shape government decisions—from the protests against the NRC and farm laws to the question of institutional accountability.
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