Nous Shorts· 06 Jul 2026· 2:38

Pakistan Became a New Power in West Asia?

"Pakistan has achieved three big things: from facilitator to mediator, and now a recognised regional power."

Full Transcript

हमने जितने भी ऑपरेशंस किए हैं पाकिस्तान के साथ पिछले 12 साल में, हमने हमेशा उनके टेररिस्ट टारगेट्स को टारगेट किया है। उन्होंने हमेशा रिटर्न में हमारे मिलिट्री टारगेट्स को टारगेट किया है। मिलिट्री टारगेट का मतलब होता है यू आर शोइंग द विल टू फाइट। फिर वो मुस्लिम कंट्री है, वही अकेला मुस्लिम कंट्री है जिसके पास न्यूक्लियर वेपन्स हैं। फिर वो एक ऐसा मुल्क है जहां पर डिप्लोमेसी बहुत अच्छी, बहुत समझदारी से करते हैं। अगर उनको थोड़ी सी किसी की बढ़ाई भी करनी होती है, वह कर देते हैं — हमने जैसे प्रेसिडेंट ट्रंप को यह श्रेय नहीं दिया कि आपने सीज़फायर करवाया है, उन्होंने फौरन दे दिया, पाकिस्तान ने, और यह भी कह दिया कि आपको पीस प्राइज़ के लिए हम नोबेल पीस प्राइज़ के लिए नॉमिनेट करते हैं। कहने का मतलब यह है, पाकिस्तान ने तीन बड़ी चीजें हासिल की हैं। पहली बार शुरुआत हुई थी एज़ अ फैसिलिटेटर — 11 अप्रैल को जब यह पहली बार हुआ था कि दोनों साइड बातचीत करेंगी, तो इस्लामाबाद में तय हुआ था बातचीत हो। फैसिलिटेटर का मतलब सिर्फ इतना होता है कि आप ऐसी जगह बनाएं दोनों साइड के लिए, जो दोनों को लगे कि हां मैं यहां पे सिक्योर हूं — सो दे वर ओनली द फैसिलिटेटर। उसके बाद वो मीडिएटर बन गए। मीडिएटर का मतलब होता है, दोनों साइड आपस में बात नहीं कर रही हैं, तो आप एक साइड के पास जाइएगा, उसकी प्रॉब्लम समझिए, दूसरी साइड को बताइए, वो बताएगा उसकी क्या प्रॉब्लम है — तो आप मीडिएट कर रहे हैं। उसके बाद अब क्या हुआ है, क्योंकि उनकी यह जो काबिलियत है, इकलौता कंट्री है जो वेस्ट एशिया का कंट्री नहीं है, पर उसको वेस्ट एशिया में शामिल कर लिया गया है। अगर आप देखिएगा जो एमओयू ईरान ने साइन किया है, उस पे लिखा हुआ है इस्लामाबाद एमओयू, और जो तीन बड़ी ताकतें रीजनल पावर्स दैट मैटर हैं — इजिप्ट, सऊदी अरेबिया, तुर्की — उसमें पाकिस्तान भी शामिल हो गया है। तो आज पाकिस्तान, जो साउथ एशियन कंट्री है, वो जुड़ चुका है वेस्ट एशिया के साथ। तो अब आप समझ सकते हैं वह कहां से कहां पहुंच चुका है।

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