2:30Ottoman Caliph: What Happened After 1924?
“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
"Muslim and Sikh Nationalism did not have theological origin."
न मुस्लिम्स एंड सिख ये दो केसेस को मैंने स्टडी करने की कोशिश इसलिए की क्योंकि दोनों के अंदर अ हिस्टोरिकली एक आईडिया ऑफ नेशन इमर्ज किया था। ठीक है? और वो उसका कोई थियोलॉजिकल नेसेसरी ओरिजिन नहीं था। उसका पॉलिटिकल एंड सोशल ओरिजिन ही था। पर व्हाट इज इंटरेस्टिंग इज कि इन प्रीडमिनेंट हिंदुत्व डिस्कोर्स और टू सम एक्सटेंट यह डिस्कोर्स जो है इंडियन नेशनलिस्ट इससे भी एग्री या कन्वर्ज कर जाता था कि अगर आप उसको यू नो एनालाइज करें एनालिटिकली सेपरेट करें तो देखिए कि माइनॉरिटी ऑलदो देयर इज़ अ लिस्ट ऑफ़ माइनॉरिटीज़ इन इंडिया नेशनल माइनॉरिटीज़ उसमें उसमें मुस्लिम्स भी हैं, सिख्स भी हैं। अब शायद जैस भी आ गए हैं, बुद्धिस्ट हैं वगैरह-वगैरह। लेकिन ऑन मेनी काउंट्स देयर इज़ अ डिस्टिंशन मेंटेंड बिटवीन रिलीजंस व्हिच आर ऑफ इंडियन ओरिजिन एंड दोज़ व्हिच आर कंसीडर्ड टू बी ऑफ़ नॉन इंडियन ओरिजिन। और ये एक्चुअली दिस आईडिया ऑफ़ डिस्टिंशन बिटवीन रिलीजंस ऑफ़ डिफरेंट काइंड्स एंड देयर फॉर पीपल हु आर डेयर टू दोज़ रिलीजंस। यह शुरू होता है सावरकर के हिंदुत्व के पब्लिकेशन के बाद। पर उसका इनफ्लुएंस काफी रहा है इंडियन थॉट में। तो द होल आईडिया वाज़ कि दोज़ हु आर ऑफ़ नॉन अब्राहमिक ओरिजिन। देयर फादर लैंड्स लाई आउटसाइड ऑफ इंडिया। एंड देयरफ़ दे कैन नॉट बी ट्रस्टेड ऑन काउंट ऑफ़ देयर लॉयल्टी। और कुछ लोग तो इस हद तक जाके कहते थे कि इनको सेकंड क्लास सिटीजन बना दिया जाए। लाइक गोलवर्कर और सब वर्कर वगैरह एंड वो चीजें ऑल इन प्रैक्टिस रिवील हो रही है। तो यह दो सेपरेट केसेस मैंने इसलिए लिया था कि एक तो है ऑफ इंडिक या इंडियन ओरिजिन सो कॉल्ड और दूसरा सो कॉल्ड ऑफ नॉन इंडिक और नॉन इंडियन ओरिजिन अब्राहमिक एंड नॉन अब्राहम हां दैट वे यू कैन से एंड देन ट्राई टू सी दैट इन दोनों के बीच में जो पॉलिटिकल आइडेंटिटी है वो किस तरह से डेवलप हुई हिस्टोरिकली और हमने देखा कि दोनों मुसलमानों में भी एक टाइम में ऐसा दौर था जब अपने आप को एक सेक्शन ऑफ़ मुस्लिम्स लुक सीइंग देमसेल्व्स एस डिस्टिंक्ट नेशन। दे हैड सर्टेन आर्गुमेंट्स व्हिच मे बी टुडे इंपिरिकली नॉट वेरी वैलिड। अ उसी तरह से सिखों के अंदर भी जो बाद में हमने देखा कि खस्तान का आईडिया आया उसका ओरिजिन जो है बोथ मुस्लिम नेशनलिज्म एज वेल एस सिख नेशनलिज्म। उन दोनों का ओरिजिन जो है वो डिस्कोर्सेस अराउंड पार्टीशन जो हो रहे थे
2:30“He embodied all the complexity and contradictions of the late Ottoman experience.”
1:47“I Will Protect Mosque & Temple Both”- MP Imran Masood
1:04Aakar Patel examines how public mobilisation can shape government decisions—from the protests against the NRC and farm laws to the question of institutional accountability.
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