Nous Shorts· 08 Jul 2026· 2:52

What Does the Ummah Really Mean?

"We identify with justice, not with nation-states."

Full Transcript

हम उस बिलीफ सिस्टम के मानने वाले हैं, उस बिलीफ सिस्टम से जो मोरल्स, एथिक्स, प्रिंसिपल्स, राइट्स, आइडिया ऑफ जस्टिस जो मिलता है, आई ब्रिंग टू माय ओन सोसाइटी। उसके बाद मैं अपनी सोसाइटी का हिस्सा हूं, जहां-जहां भी रहता हूं। उस जस्टिस की बुनियाद पे अगर उनके साथ कभी ज्यादती होती है, आई आइडेंटिफाई विद देम। इट डज़न्ट मीन कि मैं उस नेशन स्टेट के साथ खुद को आइडेंटिफाई करता हूं। वह भी मेरे साथ आइडेंटिफाई नहीं करते, मैं भी उनके साथ ऑन द बेसिस ऑफ नेशन स्टेट आइडेंटिफाई नहीं करता हूं। एंड ऑन द कॉन्ट्रेरी, अगर वो उस कोड को वायलेट करते हैं जिस यूनिवर्सल कोड की हम बात करते हैं, जिसकी वजह से हम मुसलमान हैं, मैं उनके साथ आइडेंटिफाई नहीं करता हूं, वो मेरे आइडियल्स नहीं बन जाते और मैं उनके लिए आइडियल नहीं हूं, वो मुझसे आइडेंटिफाई नहीं करते। जब भी आप देखते हैं कि मुसलमानों का दिल कभी धड़कता है, जिसको राइट विंग उठा के एक केस बनाते हैं, फिलिस्तीन में ज्यादतियां होती हैं, ठीक है, उसमें गाइडिंग फैक्टर ये भी हो सकता है, है भी, कि वो मुसलमान हैं, ठीक है, मगर वो उस तरह के मुसलमान हैं जो जेनुइनली ऑप्रेस हो रहे हैं, जो अपने राइट्स के लिए खड़े हुए हैं, और उनको ऑप्रेस किया जा रहा है, पूरी ह्यूमैनिटी उस जेनोसाइड को एकनॉलेज कर रही है, उनको उस आइडेंटिटी की वजह से ऑप्रेस किया जा रहा है, वो उस आइडेंटिटी की वजह से दूसरों को ऑप्रेस नहीं कर रहे, उस आइडेंटिटी की वजह से उनको ऑप्रेस किया जा रहा है, उनका जेनोसाइड किया गया। तो नेचुरली उसके लिए बात करेगा कोई भी मुसलमान हो, कोई भी सही सोच रखने वाला इंसान कहीं पर भी क्यों ना हो, वो बात करेगा, वहां पे वो दे स्टैंड फॉर दैट राइट। और इसी तरह से बांग्लादेश में एक दो केसेस आए, या कुछ केसेस आए, जब हिंदू माइनॉरिटीज़ के साथ कुछ ज्यादतियां हुईं वहां पे, जो कि नहीं होनी चाहिए, मेरी नजर में वो टेररिज्म के बराबर है, उससे भी घटिया है, नहीं होनी चाहिए थी। यहां से भी बातें उठीं, क्या हम अपनी हिंदू पॉपुलेशन को ये कहें कि आप बांग्लादेशी हिंदू हो, आपको उनके साथ क्या लेना देना? उस वक्त मुसलमानों की भी, हिंदुओं की भी, इक्वल रिस्पॉन्सिबिलिटी है उसके लिए बात करें। सो व्हाट आई मीन टू से, हम उम्मत सिर्फ तब तक हैं इन ग्लोबल टर्म्स, हम उम्मत के उस यूनिट से आइडेंटिफाई करते हैं, और ये हमें भी खुद इंटरनली समझना चाहिए, हम बाय डिफॉल्ट किसी के साथ रिलेटेड नहीं हैं, एज़ लॉन्ग एज़ दोज़ गाइडिंग मोरल प्रिंसिपल्स आर टेकन केयर ऑफ, दे आर बाउंड बाय दोज़ गाइडिंग प्रिंसिपल्स, मोरल प्रिंसिपल्स, एथिकल प्रिंसिपल्स जो इस्लाम के हैं।

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